मुंबई:
भारत में आगामी कुछ तिमाहियों में मजबूत आर्थिक विकास की संभावना है। खाद्य कीमतों की मुद्रास्फीति के ऊंचे रहने की संभावना है। अर्थव्यवस्था को इस वित्त वर्ष में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने ऐसा अनुमान लगाया है।
राजकोषीय
समेकन सुनिश्चित करने में उच्च सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
एसएंडपी
ग्लोबल रेटिंग्स के निदेशक एंड्रयू वुड ने कहा कि भारत में राजकोषीय क्षरण को
रोकने के लिए और राजकोषीय समेकन को सक्षम करने के लिए जीडीपी वृद्धि की महत्वपूर्ण
भूमिका होगी।
उन्होंने
कहा कि अगले दो वर्षों में राजकोषीय घाटा ऊंचा बना रहेगा लेकिन ऋण/जीडीपी अनुपात
स्थिर रहेगा एसी उम्मीद है।
वुड
ने आगे कहा कि महामारी के संदर्भ में भारत की बाहरी स्थिति मजबूत हुई है। भारत रिकॉर्ड गति से विदेशी मुद्रा भंडार पैदा
कर रहा है।
एसएंडपी
अर्थशास्त्री विश्रुत राणा ने 'इंडिया
क्रेडिट स्पॉटलाइट 2021' इवेंट में बताया, कि आगे कैलेंडर Q3
और Q4 में काफी मजबूत आर्थिक विकास की
उम्मीद हैं। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति
सहिष्णुता सीमा के ऊपरी छोर पर रही है।






.jpg)
.jpg)










.jpg)

0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam links in the comment box.