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दीपावली के बाद मुंबई के फैब्रिक बाजार में उत्‍साह का वातावरण है : गिरीश तोदी (स्‍पर्श फैब)

 

Girish Todi, Director, Spasrh Fab Textiles Pvt.Ltd


मुंबई: दीपावली के बाद मुंबई के फैब्रिक बाजार में उत्‍साह का वातावरण है। क्‍योंकि कोरोना के केसेज कम हो रहे हैं। व्‍यापार धीरे धीरे खुल रहा है। आउटलेट सारे खुल रहे हैं। ग्राहकी अच्‍छी हो रही है। बुकिंग अच्‍छी चल रही है।  यह जानकारी स्‍पर्श फैब के डायरेक्‍टर श्री गिरीश तोदी ने दी।

 

श्री तोदी ने कहा कि जिनका माल बिक रहा है उनके लिए पेमेंट की कोई ईशू नहीं है। यूनीफार्म का काम रुका है। स्‍कूलें खुलेंगी तभी यूनीफार्म सेक्‍टर का पेमेंट क्‍लियर हो पाएगा। अभी वहां पर कोई है ही नहीं। अन्‍यथा अधिकांश मामलों में फैंसी फैब्रिक का पेमेंट आउटलेटों के खुलने के बाद हो गया है।

 

श्री तोदी ने कहा कि बेशक यार्न के भाव अकस्‍मात बढ़ने से थोड़ी परेशानी है। यार्न के भाव में फ्लकचुएशन की वजह से लौंग टर्म प्‍लानिंग नहीं हो पा रही है। यार्न में १५ से २० फीसदी के तेजी दिख ही है।

 

श्री तोदी ने कहा कि ओल्‍ड गुड्स तो तेजी से बिक गये। अब जाकर २०२० के लगन के आर्डर्स खत्‍म हो रहे हैं। अभी मिडियम ग्राहकी चल रही है। बाजारों में पोजीटिविटी है।

 

श्री तोदी ने कहा कि कोरोना के केसेज दिन ब दिन कम हो रहे हैं। बाजार खुलने लगे हैं। हमारे ग्राहकों ने आर्डर भेजना शुरू कर दिया है। अनिश्चय का माहोल तो है। लोगों के आर्डर थोड़ा थोड़ा  करके आ रहे हैं। वे एक साथ बड़ी मात्रा में आर्डर नहीं दे रहे हैं। मगर दुकानों के खुलने से ग्राहकी शुरू हो गयी है।  सुधार हो रहा है। वैक्सिन भी अब आने ही वाली है। उम्‍मीद है कि मार्च, अप्रैल तक बाजार बिलकुल सामान्‍य हो जाएगा।

 

श्री गिरिश तोदी ने कहा कि अभी समर सीजन की तैयारी चल रही है। आगे कुछ महीनो बाद फिर लगन की भी सीजन है। उसकी भी तैयारी हो रही है। आने वाले समय में बाजार चलेगा।

 

श्री तोदी ने कहा कि जब कपड़े की डिमांड होती है तो भाव नहीं देखा जाता है। यार्न का भाव रोज बदलता है मगर कपड़े का भाव रोज नहीं बदल सकता है।

 

श्री तोदी ने कहा कि यार्न का रेट स्थिर होना चाहिए। यार्न के अस्थिर रेट से पूरा फैब्रिक बाजार प्रभावित होता है। मगर इसमें कुछ ही लोगों की मोनोपॉली है। वे क्‍या करते हैं और क्‍यों करते हैं इसका हम अंदाज नहीं लगा सकते हैं। यार्न का मामला अंतराष्‍ट्रीय व्‍यापार से जुड़ा है। शेयर मार्केट में तो फिर भी सेबी जैसी संस्‍थाओं का नियंत्रण है मगर इन यार्न के कारोबारी पर किसी का नियंत्रण नहीं है।  


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