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दीपावली के बाद गारमेंट सेक्‍टर का काम काज ठीक ठाक चल रहा है : राजेश मसंद (CMAI अध्‍यक्ष)

Rajesh Masand,CMAI President




 

मुंबई: दीपावली के बाद गारमेंट सेक्‍टर का काम काज ठीक ठाक चल रहा है।  CMAI अध्‍यक्ष श्री राजेश मसंद  ने यह जानकारी दी।

 

उन्‍होंने कहा कि गारमेंट उत्‍पादन का काम ३० से ४० फीसदी हो रहा है। आगे यदि कोविड कंट्रोल में आता है, तो कारोबार ठीक होता जाएगा। मगर समाचार यह है कि कोविड वापस बढ़ रहा है। इसलिए व्‍यापार वैसा ही रहेगा। शादियों पर रेसट्रिक्‍शंस कम नहीं हुयीं। शादियों में शामिल होनेवालों की संख्‍यां ५० से १०० तक सिमित है। जैसे जैसे बाजार ओपेन होगा और रेस्‍ट्रिक्‍शंस धटेंगी, वैसे वैसे व्‍यापार बढ़ेगा। अभी तो उत्‍पादन से लेकर पूरा रिटेल तक टेक्‍सटाइल चैनेल डिस्‍टर्ब्‍ड है।

श्री मसंद ने कहा कि आगे फरवरी में होटल में एक्‍जिविशन की प्‍लानिंग है। अभी दो महीने बचे हैं। उम्‍मीद है कि तब तक स्थिति में सुधार होंगे और एक्‍जीबिशन कामयाब होगा।


उन्‍होंने आशा जतायी कि सभी आत्‍मनिर्भर बनेंगे। अपना बिजनेस सम्‍हालने और बढ़ाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे। रास्‍ता भी निकलेगा । मगर फिलहाल इस फेनोमेना के कारण बेरोजगारी बढ़ेगी। उत्‍पादक का धंधा कम हो रहा है। वह अपना खर्च कम कर देगा। वह अपने आप को समेटेगा। मगर कामगारों की बेरोजगारी तो आएगी। काम आधा हो गया है। इसका असर बेरोजगारी पर होगा।

 

श्री मसंद ने कहा कि चूकि प्रोडक्‍शन पूरी नहीं निकल रही है, पहलेवाले भाव में माल बेचना पोसाता नहीं है। यार्न महगा हो गया है। मजदूरी मंहगी हो गयी है। प्रोडक्‍शन आधा रह गया है। लेकिन हालात ऐसे हैं कि आप भाव भी नहीं बढ़ा सकते हैं। समस्‍या गंभीर है।

 

उन्‍होंने कहा कि जो उत्‍पादक हैं, वे अपने खर्चे कंट्रोल में रखें। गारमेंट एक प्रकार का फैशन बिजनेस है। आपका माल जूना नहीं होना चाहिए। सोच समझ कर काम करीए। काम बंद मत कीजिए। हौसला रखो। काम जरूर करो। तकलीफें आएंगी। मगर उसमें से भी काम करके ही आप बाहर निकल सकते हैं।

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